क्यूँ साथ हंसते नहीं मिलकर क्यूँ दर्द बाँट कर साथ नहीं रोते। क्यूँ साथ हंसते नहीं मिलकर क्यूँ दर्द बाँट कर साथ नहीं रोते।
जिंदगी यह बिताई हैं हमने बस ख़ुद की ख़ातिर, चलो इस दुनिया में हम ही अपना नाम ढूँढ़ते जिंदगी यह बिताई हैं हमने बस ख़ुद की ख़ातिर, चलो इस दुनिया में हम ही अपना नाम...
हुआ क्या अब यूँ कि ख़ुशी में हासिल नहीं है वो हुआ क्या अब यूँ कि ख़ुशी में हासिल नहीं है वो
ग़मों को भूलकर जीते रहो ज़िंदगी का सुनहरा सफ़र। ग़मों को भूलकर जीते रहो ज़िंदगी का सुनहरा सफ़र।
ज़ुल्फ़ों में ना उलझाओ, थोड़ा-सा करीब आओ। ज़ुल्फ़ों में ना उलझाओ, थोड़ा-सा करीब आओ।
ये मैं हूँ लगूँ सबको यहाँ कभी पहेली कभी कहानी। ये मैं हूँ लगूँ सबको यहाँ कभी पहेली कभी कहानी।